वायरस से तेज अफवाँ फैल रही हैं | हर कोई मास्क पहनकर घूम रहा हैं , जबकि डॉक्टर तक बोल   चुके हैं कि स्वस्थ व्यक्ति को मास्क पहनकर पैनिक नही करना चाहिए |
 जो बीमार हैं वे मेट्रो , बस या अन्य सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट में यात्रा ना करे- डॉ

      1.  कोरोना वायरस कैसे फैलता हैं और इसके फैलने के क्या कारण हैं ?
कोरोना वायरस एक संक्रामक बीमारी हैं, जो एक दुसरे के काफी करीब संपर्क में आने से दूसरे इंसान तक फैलती हैं | इसलिए जो लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं उसके छिकनें या खासनें से ड्रॉपलेट्स दूसरे तक पहुच सकता हैं | इसलिए ऐसे लोगो से एक मीटर की दूरी बनाये रखें |



     2. आम व्यक्ति को कई तरह से प्रभावित किया जा रहा हैं अधिकतर व्यक्तियों को इस विषय में अच्ची तरह जानकारी नही हैं इसलिए जानकारी दी जाये कि आखिरकार किस प्रकार से और कैसे और किस समय यह वायरस फैलता हैं |
विजय मीडिया इस बीमारी के बारे में जानकारी का सबसे अच्छा माध्यम हैं | इसमें अख़बार का अहम रोल हैं | जहां तक बीमारी की बात हैं तो यह वायरस बिल्कुल नया हैं, इसलिए बहुत सारे फेक्ट्स आने बाकी हैं | लेकिन जहां तक पता चला हैं कि यह आम वायरस से अलग हैं, इसमें दो प्रतिशत तक मौत देखी जा रही हैं यह भी जानना जरुरी हैं कि यह उन लोगो के लिए ज्यादा खतरनाक हैं जो पहले से बीमार हैं | हेल्दी और जिनके इम्यून बेहतर हैं, उन्हें ज्यादा दिक्कत नही होती हैं |
  
     3.  नॉर्मल फीवर में भी ख़ासी जुकाम होता हैं और इस वायरस में भी, तो आम इंसान को कैसे पता चले कि वो कोरोना का शिकार हैं या नहीं ?
यह सवाल बहुत सही हैं | ऐसा सभी सोचते हैं | आम फ्लू में भी वही सारे लक्षण हैं जो इस वायरस में हैं | लेकिन इस वायरस से पीड़ित होने या सदिग्ध मरीज होने से पहले दो बातों का ध्यान रखें | अगर हाल ही में आप ऐसे देश की यात्रा करके आएं है, जिन देशो में कोरोना वायरस फैला हुआ हैं और सरकार ने उन देशो के नाम नोटिफाय  किया हुआ हैं तो आप ऐसे लक्षण दिखने पर डॉक्टर के पास जरुर जाएं | दूसरा वह व्यक्ति अगर किसी ऐसे लोगो से मिलता हैं जो इस वायरस के शिकार हैं, चाहे वह देश का हो या विदेश का हो, वो उसके संपर्क में रहा हो तो उन्हें भी इसे गंभीरता से लेना चाहिए | बाकी लोगो को बिना वजह डरने की जरुरत नही हैं |



    
      4. मेट्रो या बस में छींक मारता हैं तो क्या उससे दूसरे वायरस फैल सकते हैं ? 
यह डर वाजिब हैं , क्योकिं पब्लिक ट्रांसपोर्ट में एक से दूसरे लोगो के बीच की दूरी एक मीटर से कम होती हैं वहाँ लोग आस-पास ही खड़े रहते हैं | इसलिए अगर यहां पर कोई बीमार व्यक्ति छींकता हैं या खांसता हैं तो उसके नाक या मुंह से निकलने वाला ड्रॉपलेट्स दूसरे तक पंहुच हो सकते हैं और बीमारी भी फैल सकती हैं इसलिए जो लोग बीमार हैं , उन्हें सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट यूज नहीं करना चाहिए | उन्हें फंक्शन पहनना चाहिए | हमें ऐसे लोगो को जागरूक करना होगा |

  


      5. क्या कोरोना इससे पहले भी कभी लंबा था या यह पहली बार फैला है ? 
कोरोना के कई तनाव हैं , या यूं कहें कि इसके कई प्रजाति हैं | पहले भी कोरोना के कई स्ट्रेन एपेड़ेमिक हो चुके हैं | इसमें से एक सार्स नाम से था , जिसमे डेथ रेट बहुत हाई था | इसके बाद एमईआरएस फैला , जो भारत में भी पहुँच गया था लेकिन अब यह सब कंट्रोल में हैं | ये सब कोरोना के सब टाइप थे और पहले से फैले हैं | पुराने वायरस होने पर बॉडी में संक्रमण हो जाता है , लेकिन जब वायरस नया होता है तो कैंसर बनने में समय लगता है , जिससे अभी तक डर रहे हैं कि यह वायरस सभी को परेशान कर सकता है