आज साइबर सुरक्षा व्यक्तिगत और सरकारी दोनों स्तरों पर एक बड़ा मुद्दा बन गई हैं | हाल में ही PM MODI ने भी CYBER ATTACKS (साइबर हमलों) को एक बड़ी चुनौती बताया हैं |

आइये जाने CYBER CRIME (साइबर क्राइम) और CYBER SECURITY (साइबर सुरक्षा) से जुड़े कुछ पहलुओ के बारे में.......

     1.)    कैसे करते हैं साइबर अटैक ?

साइबर क्रिमिनल्स दो तरह से अटैक करते हैं | एक मास अटैक होता हैं, जिसमे टारगेट पहले से तय नही होता | फिशिंग आदि इसके तरीके हैं | जो इसमें फंस जाता है, उसकी जानकारी या पैसे पर अटैक किया जाता हैं | दूसरा तरीका हैं टारगेट तय करके अटैक करना | इस तरह के अटैक आमतौर पर बड़ी कंपनियों और सरकारी एजेंसियों पर किये जाते हैं | 85 प्रतिशत फिशिंग के मामलों में सोशल मीडिया साइट्स के जरिये अटैक किया जाता हैं | एसेंसर सिक्योरिटी की ‘द कास्ट ऑफ़ साइबर क्राइम’ नामक सालाना रिपोर्ट बताती हैं कि सोशल अटैक की संख्या में हर साल 16 प्रतिशत की दर से इजाफा हो रहा है |



      2.)    Hackers जानते हैं पासवर्ड का मनोविज्ञान

Hackers आम लोगो के पासवर्ड बनाने की साइकोलोजी समझ लेते हैं | इसके बाद हैकिंग करते हैं | जैसे दुनिया में अधिकांश लोग पासवर्ड बनाने में अपना नाम @ या # 345 या 123 का ही इस्तेमाल करते हैं या फिरअपनी जन्म तारीख, मोबाइल नम्बर को ही अपना पासवर्ड बनाते हैं |जब एक अकाउंट हैक होता हैं, तो उससे जुड़े हुए अन्य खाते भी हैक हो जाते हैं |

      3.)  क्यों नही पकड़े जाते हैकर ?

साइबर क्रिमिनल्स के पकड में आने की दर पूरी दुनिया में बहुत कम हैं | ये साइबर अपराधी डीपवेब और डार्कवेब के जरिये अपराध को अंजाम देते हैं | जहां IP एड्रेस लगातार बदलते रहते हैं | डीपवेब पर फाइलों का एक्सटेंशन ही ओनियन हैं | यानी कि इस काली दुनिया में इतनी परतो के भीतर डाटा छुपा होता हैं की उसे निकाल पाना खासा मुश्किल होता हैं |

हैकिंग से बचने के 4 तरीके

     1.  संदिग्ध फाइल डाउनलोड नही करें :
   यूजर्स अपने पासवर्ड ज्यादा जगहों पर न दें | गैरजरूरी साइट्स पर न जाएं | जो काम साइट से हो सकता हैं, उसके लिए App का इस्तेमाल न करे | Searching करते हुए उन्हीं साइट की लिंक खोले जिनसे परिचित हैं | ई-मेल पर कोई भी ऐसी डॉक्यूमेंट फाइल डाउनलोड न करें जो संदिग्ध लगे | अपने बैंक, सोशल और अन्य अकाउंट में तीन स्तर की सुरक्षा प्रणाली, यानी पासवर्ड, क्वेश्चन और OTP को अपनाएं |

      2. App की परमिशन हटाएं :
   मोबाइल में एप डाउनलोड करना और फिर उसे परमिशन देना मजबूरी बन जाता हैं | अधिकांश App वह सारी परमिशन भी लेते हैं, जिन्हें उनकी कोई जरुरत नही होती | इससे बचने के लिए एप डाउनलोड करने के बाद मोबाइल डेटा बंद करे और सेटिंग में एप में जाकर परमिशन हटा दें | इसी तरह कई शोपिंग वेबसाइटस जैसे Amezon आदि पर आपकी कार्ड डिटेल सेव हो जाती हैं | सेटिंग्स में जाकर यह डिटेल्स भी हटाई जा सकती हैं |

      3.  ब्राउज़र मन करें तो साइट पर न जाएं :
   कई फाइल डाउनलोड करने से हमारा ब्राउज़र मना कर देता हैं, एंटीवायरस संकेत देता, लेकिन हम फाइल डाउनलोड करने के रास्ते खोज लेते हैं | बहुत सारे मोबाइल एप्लिकेशन apk फाइल के रूप में हम डाउनलोड करते हैं, यह भी सुरक्षित नही हैं |

      4.  जरुरी होने पर ही अपडेट करें : 
   विंडोज या मोबाइल का सिस्टम सॉफ्टवेयर तभी अपडेट करें, जब वह जरुरी हों | कई बार अपडेट के माध्यम से भी सिस्टम हैकिंग होती हैं | ऐसे में अपडेट से पहले उसे बारीकी से पढ़ लें |